10+ पुखराज रत्न पहनने के फायदे और नियम | Pukhraj Stone Benefits in Hindi

पुखराज (Yellow Sapphire) बृहस्पति देव का रत्न है जो धन, बुद्धि और सौभाग्य लाता है। इसे गुरुवार के दिन, सोने की अंगूठी में, सीधे हाथ की तर्जनी उंगली (Index Finger) में धारण करना चाहिए। यदि यह अनुकूल न हो, तो यह स्वास्थ्य और आर्थिक नुकसान भी पहुंचा सकता है।

पुखराज, जिसे पीला नीलम भी कहा जाता है, सदियों से आभूषणों में इस्तेमाल होने वाला एक खूबसूरत और पवित्र रत्न है। यह रत्न ग्रहों की दुनिया में बृहस्पति ग्रह से जुड़ा हुआ है, जो ज्ञान, धन और समृद्धि का कारक माना जाता है। पुरातन काल से ही पुखराज को एक शुभ रत्न माना जाता रहा है और इसे धारण करने से व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक बदलाव आते हैं, ऐसा माना जाता है।

पुखराज रत्न न केवल अपनी सुंदरता के लिए बल्कि अपने अनेक लाभकारी गुणों के लिए भी जाना जाता है। यह रत्न व्यक्ति को आत्मविश्वास, बुद्धि, और ज्ञान प्रदान करता है। इसके अलावा, पुखराज रत्न व्यक्ति को मानसिक शांति और तनाव मुक्ति दिलाने में भी सहायक होता है। यह रत्न वैवाहिक जीवन में सुख और समृद्धि लाने के लिए भी जाना जाता है।

इस ब्लॉग पोस्ट में हम पुखराज रत्न के विभिन्न फायदे (pukhraj Ratan ke fayde) , इसे धारण करने की विधि और इसके चयन के बारे में विस्तार से जानेंगे। साथ ही, हम यह भी जानेंगे कि कौन-कौन से लोग पुखराज रत्न धारण कर सकते हैं और किन लोगों को इससे बचना चाहिए।

पुखराज रत्न के फायदे (pukhraj pahnane ke fayde)

पुखराज रत्न के फायदे जीवन में सुख-समृद्धि और सौभाग्य लाने के लिए जाने जाते हैं। बृहस्पति ग्रह का रत्न होने के कारण, यह धारक को अपार धन, उच्च शिक्षा और मान-सम्मान प्रदान करता है। विवाह में आने वाली बाधाओं को दूर करने और आपसी प्रेम बढ़ाने के लिए पुखराज रत्न के फायदे अत्यंत प्रभावशाली हैं। यह मानसिक स्पष्टता देकर करियर में सफलता दिलाता है और स्वास्थ्य की दृष्टि से पाचन तंत्र को मजबूती प्रदान करता है।

पुखराज रत्न के फायदे

पुखराज स्टोन आध्यात्मिक लाभ

ग्रह संबंधी: पुखराज रत्न बृहस्पति ग्रह से संबंधित है। ज्योतिष के अनुसार, यह रत्न बृहस्पति के नकारात्मक प्रभावों को कम करने और सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाने में मदद करता है।

आत्मविश्वास: यह रत्न धारण करने वाले व्यक्ति के आत्मविश्वास और आत्मसम्मान को बढ़ाता है।

बुद्धि: पुखराज रत्न बुद्धि और ज्ञान को बढ़ाने में सहायक माना जाता है।

सकारात्मकता: यह नकारात्मक विचारों को दूर करने और सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने में मदद करता है।

पुखराज रत्न के स्वास्थ्य लाभ

पाचन तंत्र: पुखराज रत्न पाचन संबंधी समस्याओं को दूर करने में मदद करता है।

लीवर: यह लीवर की कार्यप्रणाली को सुधारने में सहायक माना जाता है।

रक्त शुद्धि: यह रत्न रक्त को शुद्ध करने में मदद करता है, जिससे त्वचा संबंधी समस्याएं कम होती हैं।

तनाव: पुखराज रत्न तनाव और चिंता को कम करने में सहायक है।

नींद: यह बेहतर नींद में मदद करता है, जिससे शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य में सुधार होता है।

पुखराज स्टोन के व्यावसायिक लाभ

सफलता: पुखराज रत्न व्यावसायिक सफलता और उन्नति में सहायक माना जाता है।

नेतृत्व क्षमता: यह नेतृत्व गुणों को बढ़ाता है, जो कैरियर में आगे बढ़ने के लिए महत्वपूर्ण है।

वित्तीय स्थिरता: यह रत्न धन और समृद्धि को आकर्षित करने में मदद करता है।

निर्णय क्षमता: पुखराज रत्न बेहतर निर्णय लेने की क्षमता को बढ़ाता है।

पुखराज रत्न के शैक्षणिक लाभ

एकाग्रता: यह रत्न पढ़ाई में एकाग्रता बढ़ाने में मदद करता है।

स्मरण शक्ति: पुखराज रत्न स्मरण शक्ति को बेहतर बनाने में सहायक है।

परीक्षा में सफलता: यह छात्रों को परीक्षाओं में बेहतर प्रदर्शन करने में मदद करता है।

पारिवारिक जीवन में लाभ:

सद्भाव: पुखराज रत्न पारिवारिक सदस्यों के बीच सद्भाव बढ़ाने में मदद करता है।

विवाह: यह वैवाहिक जीवन में खुशी और स्थिरता लाने में सहायक माना जाता है।

संतान प्राप्ति: कुछ लोगों का मानना है कि यह रत्न संतान प्राप्ति में सहायक हो सकता है।

मानसिक स्वास्थ्य:

आत्म-जागरूकता: पुखराज रत्न आत्म-जागरूकता बढ़ाने में मदद करता है।

भावनात्मक संतुलन: यह भावनाओं को नियंत्रित करने और संतुलित रखने में सहायक है।

आशावाद: यह रत्न जीवन के प्रति आशावादी दृष्टिकोण विकसित करने में मदद करता है।

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पुखराज रत्न के नुकसान

गुरु ग्रह की प्रतिकूलता

पुखराज रत्न का संबंध बृहस्पति ग्रह से होता है, जो जीवन में ज्ञान, विस्तार और धर्म से संबंधित होता है। यदि किसी व्यक्ति की कुंडली में बृहस्पति ग्रह कमजोर, प्रतिकूल या खराब स्थिति में हो, तो पुखराज पहनने से नकारात्मक प्रभाव उत्पन्न हो सकते हैं। यह व्यक्ति के जीवन में वित्तीय संकट, दांपत्य जीवन में असंतुलन, और मानसिक तनाव बढ़ा सकता है।

अनुचित परिणाम

पुखराज रत्न को हमेशा किसी योग्य ज्योतिषी की सलाह के अनुसार धारण करना चाहिए। यदि इसे गलत तरीके से पहना जाए, जैसे कि गलत धातु, दिन, या विधि के साथ, तो यह व्यक्ति के जीवन में नुकसान पहुंचा सकता है। इसके परिणामस्वरूप स्वास्थ्य समस्याएं, व्यवसाय में असफलता, और रिश्तों में समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।

शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर प्रभाव

कुछ लोगों में पुखराज रत्न पहनने से स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव देखा गया है। इनमें सिरदर्द, उदासी, मानसिक तनाव, और नींद की समस्याएं शामिल हो सकती हैं। यदि व्यक्ति की कुंडली में गुरु ग्रह नकारात्मक प्रभाव में हो, तो पुखराज पहनने से मानसिक अस्थिरता, आत्मविश्वास की कमी, और अनिद्रा जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

धन संबंधी समस्याएं

पुखराज रत्न को आमतौर पर वित्तीय समृद्धि और सफलता के लिए पहना जाता है, लेकिन यदि इसे बिना ज्योतिषीय परामर्श के पहना जाए, तो यह धन संबंधी समस्याएं उत्पन्न कर सकता है। व्यक्ति को आर्थिक नुकसान, निवेश में असफलता, और व्यापार में नुकसान का सामना करना पड़ सकता है।

रिश्तों में तनाव

पुखराज रत्न को धारण करने से वैवाहिक और पारिवारिक जीवन में सुधार की संभावना होती है, लेकिन यदि यह गलत कुंडली के अनुसार पहना जाए, तो इससे रिश्तों में तनाव, गलतफहमियां और झगड़े हो सकते हैं। यह विशेष रूप से वैवाहिक संबंधों में समस्याएं उत्पन्न कर सकता है।

Don’t MiSS: – How To Wear Pukhraj 

पीला पुखराज पहनने की विधि or कुछ महत्वपूर्ण बातें:

पुखराज पहनने की विधि

शुद्धता: हमेशा प्रमाणित और शुद्ध पुखराज रत्न ही खरीदें।

धारण विधि: इसे सोने की अंगूठी में गुरुवार के दिन धारण करना सबसे उपयुक्त माना जाता है।

मंत्र: पुखराज रत्न को धारण करते समय “ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरवे नमः” मंत्र का जाप करना लाभदायक माना जाता है।

साफ-सफाई: रत्न को नियमित रूप से गुनगुने पानी से साफ करते रहना चाहिए।

पुखराज किस उंगली में पहनें?

तर्जनी उंगली: आमतौर पर पुखराज को तर्जनी उंगली में पहना जाता है। यह उंगली बृहस्पति ग्रह से जुड़ी होती है।

दायां हाथ: पुरुषों के लिए दाएं हाथ की तर्जनी उंगली और महिलाओं के लिए दोनों हाथों की तर्जनी उंगली अधिक शुभ मानी जाती है।

पुखराज रत्न किसे पहनना चाहिए?

बृहस्पति ग्रह कमजोर: जिन लोगों की कुंडली में बृहस्पति ग्रह कमजोर होता है, उनके लिए पुखराज पहनना बहुत फायदेमंद होता है।

धन लाभ: धन लाभ, व्यापार में वृद्धि और ज्ञान प्राप्ति के लिए भी पुखराज धारण किया जाता है।

कन्या राशि: कन्या राशि के जातकों के लिए पुखराज विशेष रूप से शुभ माना जाता है।

पुखराज पहनने के नियम (How to Wear Pukhraj)

पुखराज को सही तरीके से पहनना बहुत महत्वपूर्ण है। गलत तरीके से पहनने पर लाभ नहीं मिलता।

1. किस उंगली में पहनें: पुखराज को दाहिने हाथ की तर्जनी (पहली/Index finger) में पहनना चाहिए। तर्जनी उंगली गुरु ग्रह की उंगली मानी जाती है। कुछ ज्योतिषी अंगूठे में भी पहनने की सलाह देते हैं।

2. किस धातु में पहनें: पुखराज को सोने (Gold) में पहनना सबसे उत्तम है। अगर सोना महंगा हो तो पीतल (Brass) या पंचधातु में भी पहन सकते हैं। चांदी में नहीं पहनना चाहिए।

3. वजन और आकार: रत्न का वजन आपके शरीर के वजन के अनुसार होना चाहिए। सामान्य नियम: आपके शरीर के वजन का 1/10 से 1/12 भाग रत्तियों में। उदाहरण: अगर आपका वजन 60 किलो है, तो 5-6 रत्ती (लगभग 0.6-0.7 कैरेट) पुखराज पर्याप्त है। ज्योतिषीय प्रभाव के लिए कम से कम 3 रत्ती (0.36 कैरेट) जरूरी है।

4. कौन सा दिन: पुखराज गुरुवार (Thursday) को पहनना चाहिए। यह गुरु का दिन है।

5. कौन सा समय: सुबह का समय शुभ है। सूर्योदय के बाद पहले घंटे में (शुक्ल पक्ष में बेहतर) पुखराज धारण करें। कुछ ज्योतिषी गुरु के होरा (Hora) में पहनने की सलाह देते हैं।

6. पहनने की विधि:

चरण 1 – शुद्धिकरण:

  • पहली बार पहनने से पहले रत्न को गंगाजल, कच्चे दूध और शहद के मिश्रण में 15-20 मिनट भिगोएं
  • फिर साफ पानी से धो लें और साफ कपड़े से पोंछ लें

चरण 2 – ऊर्जा संचार:

  • पीले रंग के कपड़े पर रत्न रखें
  • धूप-दीप जलाएं
  • फूल चढ़ाएं (पीले फूल उत्तम)
  • गुरु मंत्र का जाप करें: “ॐ ब्रीं बृहस्पतये नमः” या “ॐ गुरवे नमः” (108 बार)

चरण 3 – धारण:

  • मंत्र जाप के बाद रत्न को अपनी तर्जनी उंगली में पहनें
  • रत्न त्वचा को छूना चाहिए (नीचे से खुली सेटिंग होनी चाहिए)

7. परहेज:

  • पुखराज पहनते समय मांस, शराब और तामसिक भोजन से बचें
  • झूठ न बोलें—गुरु सत्य के देवता हैं
  • गुरुओं और बड़ों का सम्मान करें

FAQs:

पुखराज किस उंगली में पहनना चाहिए?

दाहिने हाथ की तर्जनी (index finger of right hand) में पहनें। यह उंगली बृहस्पति ग्रह का प्रतिनिधित्व करती है।

पुखराज पहनने का सही दिन और समय क्या है?

गुरुवार (Thursday) को सूर्योदय के 1-2 घंटे बाद, शुक्ल पक्ष (waxing moon) में पहनें।

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Written By pmkkgems

Muskan Sain is a well-versed gemstone expert with over 8 years of experience in the field. She has received extensive training from a renowned gemological institute, which has equipped her with comprehensive knowledge and expertise in the identification, grading, and valuation of gemstones.

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