7 मुखी रुद्राक्ष के फायदे, धारण करने के नियम और नुकसान

सात मुखी रुद्राक्ष हिंदू धर्म में एक अत्यंत शक्तिशाली और चमत्कारी माला मणि माना जाता है, जो देवी महालक्ष्मी का प्रतीक है। यह रुद्राक्ष सात प्राकृतिक रेखाओं या मुखों वाला होता है और इसे धन, समृद्धि, स्वास्थ्य और सौभाग्य का वाहक माना जाता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, 7 मुखी रुद्राक्ष शनि ग्रह के नकारात्मक प्रभावों को कम करने में अत्यधिक प्रभावी है और व्यक्ति के जीवन में स्थिरता लाता है।

आज के आधुनिक युग में भी लाखों लोग इस पवित्र रुद्राक्ष को धारण करते हैं और इसके अद्भुत लाभों का अनुभव करते हैं। चाहे आप व्यवसाय में सफलता चाहते हों, आर्थिक समस्याओं से मुक्ति पाना चाहते हों, या मानसिक शांति की तलाश में हों, 7 मुखी रुद्राक्ष आपके लिए एक आदर्श समाधान हो सकता है। हालांकि, इसे धारण करने के कुछ विशेष नियम और सावधानियां हैं जिन्हें जानना आवश्यक है।

इस विस्तृत लेख में हम आपको 7 मुखी रुद्राक्ष के सभी फायदे, इसे सही तरीके से धारण करने की विधि, और इससे जुड़े संभावित नुकसानों के बारे में पूरी जानकारी देंगे।

7 मुखी रुद्राक्ष का ज्योतिष में महत्व – सफलता, स्वास्थ्य और शांति का प्रतीक

ज्योतिष शास्त्र में 7 मुखी रुद्राक्ष को शनि देव का प्रतीक माना जाता है। यह रुद्राक्ष सकारात्मक ऊर्जा, आत्मविश्वास और जीवन में संतुलन लाने में सहायक माना जाता है। ज्योतिषियों के अनुसाार, 7 मुखी रुद्राक्ष पहनने से शनि की नकारात्मक दशाओं से राहत मिलती है और व्यक्ति के जीवन में स्थिरता आती है।

इस रुद्राक्ष को सफलता, समृद्धि और शारीरिक स्वास्थ्य का वरदान माना जाता है। यह हृदय रोग, उच्च रक्तचाप और तंत्रिका तंत्र संबंधी समस्याओं में भी लाभदायक माना जाता है। जो लोग तनाव, चिंता या मानसिक अशांति से ग्रस्त हैं, उनके लिए यह एक प्राकृतिक उपाय है।

7 मुखी रुद्राक्ष का धारण करने से कर्म, धन और प्रतिष्ठा मेँ वृद्धि होती है। यह व्यापारियों, कर्मचारियों और छात्रों सभी के लिए लाभकारी है। इसे सोमवार या शनिवार को पवित्र मंत्रों के साथ धारण करना शुभ माना जाता है।

अगर आप शनि दोष, आर्थिक संकट या स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे हैं, तो 7 मुखी रुद्राक्ष आपके लिए एक आध्यात्मिक समाधान साबित हो सकता है। इसके धारण के लिए विशेषज्ञ ज्योतिषी से सलाह अवश्य लें।

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7 मुखी रुद्राक्ष के फायदे

रुद्राक्ष की माला हिंदू धर्म में आध्यात्मिक महत्व रखती है, और इनमें ७ मुखी रुद्राक्ष विशेष स्थान रखता है। यह रुद्राक्ष महालक्ष्मी का प्रतीक माना जाता है, जो धन, समृद्धि और सुख प्रदान करता है। ज्योतिष शास्त्र में इसे शनि ग्रह से जोड़ा जाता है, जो जीवन की बाधाओं को दूर करने में मदद करता है। यदि आप 7 मुखी रुद्राक्ष के फायदे जानना चाहते हैं, तो यह लेख आपके लिए उपयोगी साबित होगा। सात मुखी रुद्राक्ष पहनने से न केवल आर्थिक स्थिति मजबूत होती है, बल्कि मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य भी बेहतर होता है। आइए विस्तार से समझते हैं इसके प्रमुख लाभ।

सबसे पहला फायदा है आर्थिक समृद्धि। 7 मुखी रुद्राक्ष धन की देवी लक्ष्मी का आशीर्वाद लाता है, जिससे व्यापार में वृद्धि, नौकरी में प्रमोशन और अप्रत्याशित धन लाभ होता है। कई लोग इसे पहनकर कर्ज से मुक्ति पाते हैं और वित्तीय स्थिरता प्राप्त करते हैं। यदि आप आर्थिक परेशानियों से जूझ रहे हैं, तो सात मुखी रुद्राक्ष एक प्रभावी उपाय साबित हो सकता है।

दूसरा, स्वास्थ्य संबंधी लाभ। यह रुद्राक्ष हड्डियों, मांसपेशियों और जोड़ों की समस्याओं से राहत दिलाता है। गठिया, कमर दर्द या मधुमेह जैसी बीमारियों में यह सहायक है। आयुर्वेद में इसे रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाला माना जाता है, जो शरीर को ऊर्जावान रखता है।

तीसरा फायदा है मानसिक शांति। तनाव, चिंता और अवसाद से पीड़ित लोगों के लिए ७ मुखी रुद्राक्ष रामबाण है। यह मस्तिष्क को शांत करता है, एकाग्रता बढ़ाता है और नकारात्मक ऊर्जा से बचाता है। विद्यार्थियों और पेशेवरों के लिए यह फोकस सुधारने में मदद करता है।

चौथा, रिश्तों में सुधार। यह रुद्राक्ष पारिवारिक कलह को दूर करता है और प्रेम संबंधों को मजबूत बनाता है। शनि दोष से प्रभावित लोगों के लिए यह वैवाहिक जीवन में खुशियां लाता है।

पांचवां, ज्योतिषीय लाभ। शनि की महादशा या साढ़ेसाती में 7 मुखी रुद्राक्ष पहनने से ग्रह दोष कम होते हैं। यह दुर्भाग्य को सौभाग्य में बदलता है।

इसे कैसे पहनें? सोमवार को शुभ मुहूर्त में धारण करें, ओम नमः शिवाय मंत्र जपते हुए। चांदी की चेन में लटकाकर गले में पहनें और नियमित सफाई करें। नकली रुद्राक्ष से बचें, प्रमाणित खरीदें।

कुल मिलाकर, 7 मुखी रुद्राक्ष के फायदे जीवन के हर क्षेत्र को छूते हैं। यदि आप सात मुखी रुद्राक्ष के लाभ उठाना चाहते हैं, तो इसे अपनाएं और सकारात्मक बदलाव महसूस करें। अधिक जानकारी के लिए ज्योतिष विशेषज्ञ से सलाह लें.

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7 मुखी रुद्राक्ष के दुष्प्रभाव

यह सच है कि 7 मुखी रुद्राक्ष धन, समृद्धि और आत्मिक संतुलन का कारक माना जाता है, लेकिन अगर इसे बिना सही प्रक्रिया, बिना उपयुक्तता जाँचे या गलत ऊर्जा के साथ धारण किया जाए तो कुछ दुष्प्रभाव भी देखे जा सकते हैं। इस विषय को समझना जरूरी है ताकि रुद्राक्ष का लाभ मिले और किसी भी अनचाहे प्रभाव से बचा जा सके।

सबसे पहले, अगर व्यक्ति की जन्मकुंडली में 7 मुखी रुद्राक्ष का ग्रह—शनि—अत्यधिक प्रतिकूल स्थिति में हो या गलत तरीके से प्रभावित हो, तो रुद्राक्ष पहनने से मानसिक बेचैनी, असंतोष या निर्णयक्षमता में भ्रम बढ़ सकता है। कई बार गलत आकार या अप्रमाणित (फेक) रुद्राक्ष पहनने से भी परिणाम उलटे हो जाते हैं, जिससे व्यक्ति को लग सकता है कि जीवन की प्रगति धीमी हो रही है।

कुछ लोगों को इसकी ऊर्जा के कारण शुरुआती दिनों में थकान, सिर भारी लगना या नींद की समस्या भी महसूस हो सकती है, खासकर तब जब इसे बिना मंत्र-सिद्धि या बिना किसी जानकार की सलाह के पहन लिया जाए। इसके अलावा, यदि इसे अशुद्ध वातावरण में रखा जाए या शुद्धिकरण विधि न अपनाई जाए तो यह अपनी सकारात्मक ऊर्जा खोकर अनजाने में नकारात्मक प्रभाव दे सकता है।

इसलिए, 7 मुखी रुद्राक्ष पहनने से पहले सही परामर्श, प्रामाणिक रुद्राक्ष, शुद्धिकरण और उचित विधि अपनाना बेहद आवश्यक है, ताकि यह शक्तिशाली रत्न आपके लिए शुभ परिणाम ही प्रदान करे।

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7 मुखी रुद्राक्ष धारण विधि और पहनने के नियम

सात मुखी रुद्राक्ष माता लक्ष्मी और सप्तऋषियों का प्रतीक माना जाता है। यह धन, समृद्धि और आध्यात्मिक उन्नति प्रदान करता है। इस पवित्र रुद्राक्ष को धारण करने से पहले सही विधि और नियमों का पालन करना अत्यंत आवश्यक है।

धारण करने की शुभ विधि

सात मुखी रुद्राक्ष को धारण करने के लिए सबसे शुभ दिन शुक्रवार माना जाता है। प्रातःकाल स्नान के बाद स्वच्छ वस्त्र धारण करें। रुद्राक्ष को गंगाजल, कच्चे दूध और शहद के मिश्रण से शुद्ध करें। इसके बाद इसे साफ जल से धोकर पवित्र लाल कपड़े पर रखें।

अब रुद्राक्ष पर चंदन का तिलक लगाएं और धूप-दीप से पूजा करें। “ॐ महालक्ष्म्यै नमः” या “ॐ हुं नमः” मंत्र का 108 बार जाप करें। पूजा के बाद रुद्राक्ष को लाल या काले धागे में पिरोकर गले में या कलाई पर धारण करें।

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पहनने के महत्वपूर्ण नियम

रुद्राक्ष धारण करने के बाद कुछ नियमों का पालन आवश्यक है। रुद्राक्ष पहनकर सदैव सात्विक भोजन का सेवन करें और मांस-मदिरा से दूर रहें। शरीर और मन की पवित्रता बनाए रखें।

सोमवार को रुद्राक्ष पर जल चढ़ाएं और शिव मंत्रों का जाप करें। रुद्राक्ष को कभी भी अपवित्र स्थान पर न रखें। स्नान और शौच के समय इसे उतार दें।

विशेष सावधानियां

यदि रुद्राक्ष का धागा टूट जाए तो इसे तुरंत बदल दें। नकली रुद्राक्ष से बचें और प्रामाणिक स्रोत से ही खरीदें। नियमित रूप से इसकी सफाई करते रहें।

सात मुखी रुद्राक्ष धन संबंधी समस्याओं, व्यापार में असफलता और मानसिक अशांति को दूर करता है। सही विधि से धारण करने पर यह आपके जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और समृद्धि लाता है।

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Written By pmkkgems

Muskan Sain is a well-versed gemstone expert with over 8 years of experience in the field. She has received extensive training from a renowned gemological institute, which has equipped her with comprehensive knowledge and expertise in the identification, grading, and valuation of gemstones.

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